राम मंदिर को कल मिलेगा पहला CEO! चर्चा में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट समेत ये 4 नाम
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम का ऐलान अब बस कुछ ही घंटों दूर है। 2 सितंबर की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
अंतिम दौर में पहुंची चयन प्रक्रिया
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के चयन की प्रक्रिया अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। 5,585 आवेदनों से शुरू हुई यह तलाश अब तीन नामों तक सिमट गई है। सर्च कमेटी ने उम्मीदवारों की जांच और बातचीत पूरी करने के बाद 1 सितंबर को इन तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया। अब ट्रस्ट इन नामों पर विचार करने के बाद पहले CEO के नाम पर अंतिम फैसला लेगा।
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए खास इंतजाम किए गए थे। शुरुआती आवेदनों की तकनीकी और मैन्युअल जांच के लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में अलग-अलग टीमें लगाई गई थीं। बारीकी से दस्तावेजों की पड़ताल के बाद उम्मीदवारों को चरणबद्ध तरीके से छांटा गया।
कैसे हुई उम्मीदवारों की छंटनी?
राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी संत गोविंददेव गिरी के मुताबिक, यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई। पहले करीब 5,500 आवेदनों में से 3,000, फिर 1,500 और उसके बाद 300 उम्मीदवारों को छांटा गया। अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में प्रत्यक्ष साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में सर्च कमेटी में न्यायपालिका, रक्षा और वैज्ञानिक क्षेत्र के व्यापक अनुभव वाले सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने उम्मीदवारों की क्षमता और ट्रस्ट की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बहुस्तरीय मूल्यांकन किया।
16 फाइनलिस्ट में से 3 से 6 अगस्त के बीच ऑनलाइन बातचीत हुई, जिसके बाद इनमें से सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया।
चर्चा में हैं ये 4 नाम
CEO पद के लिए फिलहाल जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, उनमें शामिल हैं:
- राजेश पांडे – जाने-माने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट
- परेश सक्सेना – बिहार कैडर के IPS अधिकारी
- दिनेश चंद्र – उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी
- एक अन्य प्रशासनिक अनुभव रखने वाला नाम भी दौड़ में बताया जा रहा है
गौर करने वाली बात यह है कि शॉर्टलिस्ट हुए ज्यादातर उम्मीदवार सेना और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े रहे हैं, जो मंदिर जैसी बड़ी और संवेदनशील संस्था के प्रबंधन के लिए अनुभव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कल की बैठक में लगेगी अंतिम मुहर
अब सारा फैसला ट्रस्ट के हाथ में है। ट्रस्ट की बुधवार को प्रस्तावित बैठक दो सत्रों में होगी — पहला सत्र दोपहर दो बजे और दूसरा सत्र शाम चार बजे से आयोजित किया जाएगा। इसी बैठक में तीन शॉर्टलिस्ट किए गए नामों पर विस्तार से चर्चा कर एक नाम पर अंतिम मुहर लगाई जा सकती है।
CEO के चयन के साथ-साथ ट्रस्ट के तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरने पर भी चर्चा होने की संभावना है, साथ ही ट्रस्ट के प्रवक्ता की नियुक्ति और मंदिर की वार्षिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी मंथन हो सकता है।
इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक इसी बैठक में ट्रस्ट के सचिव पद को लेकर भी अहम घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।
कब शुरू हुई थी यह प्रक्रिया?
CEO पद के चयन की पूरी कवायद 1 जुलाई 2026 को शुरू हुई थी, जब चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों को अंतिम रूप देने के लिए पहली बैठक हुई थी। इसके कुछ ही दिन बाद, 6 जुलाई 2026 को औपचारिक रूप से सर्च कमेटी का गठन किया गया, जिसके बाद आवेदन आमंत्रित किए गए और महीनों तक चली स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू हुई।
करीब दो महीने की गहन प्रक्रिया के बाद अब यह मामला अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, और अयोध्यावासियों समेत पूरे देश की निगाहें कल होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं।
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