एक SUV लॉन्च और 147 परसेंट बढ़ गई सेल, Nissan की बदलने लगी सूरत
टेकटॉन की एंट्री के बाद निसान इंडिया की सेल्स में शानदार उछाल देखने को मिला है। अगस्त 2026 में कंपनी की घरेलू सेल्स सालाना आधार पर 147 फीसदी बढ़ गई हैं।
टेकटॉन बना गेम-चेंजर
भारतीय बाजार में लंबे समय से सुस्त पड़ी निसान की गाड़ी अब रफ्तार पकड़ती दिख रही है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है कंपनी की नई SUV Nissan Tekton। अगस्त 2026 में कंपनी की सेल्स 147 परसेंट बढ़ी हैं, जो घरेलू मार्केट में कंपनी की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ है। निसान की इस बेहतर होती सेल के पीछे मैग्नाइट और ग्रेवाइट जैसी मौजूदा गाड़ियों के साथ-साथ हाल ही में लॉन्च हुई टेकटॉन का भी बड़ा योगदान है, जिसे लॉन्च के बाद से भारतीय बाजार में शानदार रिस्पॉन्स मिला है।
अगस्त में कितनी बिकीं गाड़ियां?
अगस्त महीने में निसान इंडिया ने कुल 9,350 यूनिट्स डिस्पैच कीं। इसमें से घरेलू बाजार में 3,426 गाड़ियां बिकीं, जबकि बाकी 5,924 यूनिट्स विदेशों में एक्सपोर्ट की गईं। यानी कंपनी की कुल सेल्स में एक्सपोर्ट का हिस्सा घरेलू सेल्स से कहीं ज्यादा रहा, जो निसान की ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनने की रणनीति को दिखाता है।
यह सिलसिला नया नहीं है — इससे पहले जुलाई 2026 में भी निसान इंडिया की घरेलू होलसेल सालाना आधार पर 218 प्रतिशत तक उछल चुकी थी, जब टेकटॉन की डिलीवरी शुरू हुई थी।
कब और कितनी कीमत में लॉन्च हुई थी टेकटॉन?
निसान टेकटॉन को 9 जुलाई 2026 को मुंबई में वर्ल्ड प्रीमियर के साथ भारतीय बाजार में उतारा गया था। इसकी शुरुआती कीमत T160 रेंज के लिए 10.49 लाख रुपये और T280 रेंज के लिए 14.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई थी। टेकटॉन 6 वेरिएंट्स — Visia, Visia Plus, Acenta, N-Connecta, Tekna और Tekna Plus में उपलब्ध है, और टॉप वेरिएंट की कीमत करीब 18.59 लाख रुपये तक जाती है।
लॉन्च के महज 11 दिन बाद ही, यानी 20 जुलाई से इसकी ग्राहकों को डिलीवरी शुरू हो गई थी, जो भारतीय ऑटो बाजार के लिहाज से काफी तेज टर्नअराउंड माना जा रहा है। कंपनी ने गाड़ी की मजबूती और क्षमता साबित करने के लिए एक अनोखा स्टंट भी किया था — 60 टेकटॉन SUVs का काफिला चंडीगढ़ से लेह तक, शिंकुला पास (16,703 फीट) को पार करते हुए पहुंचा था, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सबसे बड़े सिंगल-मॉडल काफिले के तौर पर दर्ज किया गया।
टेकटॉन का मुकाबला बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Renault Duster, Tata Sierra, Toyota Hyryder, Honda Elevate, Volkswagen Taigun, Skoda Kushaq और MG Astor जैसी दिग्गज SUVs से है।
“वन कार, वन वर्ल्ड” स्ट्रैटजी पर काम कर रही निसान
इस स्ट्रैटजी के तहत निसान का टार्गेट भारत में ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से कारों को बनाना और फिर उन्हें घरेलू के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट में बेचना है। टेकटॉन इसी रणनीति का अहम हिस्सा है — इसे रेनो के साथ साझेदारी में चेन्नई प्लांट में तैयार किया जाता है, और भारत के अलावा मिडिल ईस्ट व अफ्रीकी बाजारों के लिए भी एक्सपोर्ट किया जाता है।
कंपनी ने टेकटॉन के जरिए सालाना 2 लाख यूनिट्स बेचने का लक्ष्य रखा है, जिसमें घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट का लगभग बराबर हिस्सा होगा। इसके साथ ही निसान साल के अंत तक अपने डीलरशिप नेटवर्क को बढ़ाकर 250 आउटलेट तक ले जाने की योजना पर भी काम कर रही है, ताकि इस ग्रोथ को आगे बनाए रखा जा सके।
टेकटॉन के अलावा निसान की योजना 2026-27 तक भारत में कुल चार नए मॉडल उतारने की है, जिससे कंपनी अपनी प्रोडक्ट लाइनअप को और मजबूत बना सके और भारतीय बाजार में अपनी वापसी को पक्का कर सके।
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