महाकाल के दर्शन को निकला परिवार, रास्ते में उजड़ गया घर: यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय और मां की सड़क हादसे में मौत, तीन गंभीर घायल
हाथरस/उज्जैन। एक दर्शन यात्रा कैसे किसी परिवार की सबसे दर्दनाक रात में बदल सकती है — इसकी मिसाल मध्य प्रदेश के उज्जैन में देखने को मिली। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की मशहूर यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका की एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की खबर से हाथरस के महौखास गांव समेत छवि को ऑनलाइन फॉलो करने वाले हजारों लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पूरा घटनाक्रम: दर्शन के लिए निकले, वापसी नहीं हो सकी
सोमवार देर रात 23 वर्षीय छवि अपने पिता श्यामलाल, मां सारिका, समधी सूरजपाल और परिवार के ड्राइवर सचिन के साथ कार से उज्जैन के महाकाल मंदिर दर्शन के लिए रवाना हुई थीं। पूरा परिवार उत्साहित था — एक धार्मिक यात्रा, जिसका मकसद था बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेना।
लेकिन रास्ते में उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर रामाखेड़ी गांव के पास किस्मत ने कुछ और ही लिख रखा था। परिवार की कार आगे चल रहे एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। छवि और उनकी मां सारिका ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पिता श्यामलाल, समधी सूरजपाल और ड्राइवर सचिन गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहत और इलाज की कोशिश
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ौद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। एनएचएआई की एंबुलेंस से शवों को बड़ौद के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को पहले बड़ौद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर विजेंद्र चूड़िहार की देखरेख में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत नाजुक देखते हुए तीनों घायलों को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल आगर रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने मां-बेटी के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आज उनका पार्थिव शरीर हाथरस के महौखास गांव लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। हादसे के सही कारणों की जांच पुलिस कर रही है।
कौन थीं छवि वार्ष्णेय?
छवि हाथरस की सबसे लोकप्रिय युवा सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स में गिनी जाती थीं। परिवार के मुताबिक वे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं और ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी की। साल 2021 में उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां वे डेली लाइफ व्लॉग्स और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वीडियो बनाती थीं।
देखते ही देखते उनके चैनल ने बड़ी पहचान बनाई — यूट्यूब पर उनके 7 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 1 लाख से अधिक फॉलोअर्स हो गए थे। छवि के चचेरे भाई सचिन के मुताबिक, किराना दुकान चलाने वाले पिता श्यामलाल और पूरे परिवार ने हमेशा छवि के काम को पूरा समर्थन दिया।
छवि की सफलता आज के दौर की उन कहानियों में से एक थी, जहां छोटे शहर की एक लड़की मेहनत और लगन से लाखों लोगों तक अपनी पहचान बना लेती है। लेकिन एक हादसे ने यह सफर अधूरा छोड़ दिया।
परिवार और फैंस में मातम
छवि और उनकी मां की मौत की खबर जैसे ही सामने आई, उनके गांव महौखास में मातम छा गया। स्थानीय लोग और रिश्तेदार बड़ी संख्या में परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी छवि के फॉलोअर्स और फैंस शोक व्यक्त कर रहे हैं और उनकी वीडियो व यादों को साझा कर रहे हैं।
एक खुशहाल परिवार की धार्मिक यात्रा कुछ ही पलों में एक हादसे में बदल गई और दो जिंदगियां हमेशा के लिए थम गईं। यह घटना एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है।